सांस्कृतिक मामलों का विभाग, केरल सरकार


नौका दौड़ (बोट रेस)

केरल के बैकवाटर और नदियां प्राचीन काल से वल्लम कली (वल्लम यानी नौका और कली यानी खेल) का प्रदर्शन स्थल रहे हैं। केरल में फसल कटाई के त्योहार ओणम के दिनों में इसका आकर्षण चरम पर होता है। वल्लमकली में पुरुष और महिलाएं दोनों भाग लेते हैं। दौड़ में भाग लेने वाली विभिन्न प्रकार की नौकाएं हैं - चुंडन वल्लम (स्नेक बोट या सर्प नौका), इरुट्टु कुत्ति, चुरुलन वल्लम, चेरु वल्लम आदि। वन्चिपाट्टु एक प्रकार का काव्य है जिसका गान वल्लम कली के दौरान किया जाता है। इन गीतों का मूल नतोन्नता वृतम में मिलता है जो आरोह-अवरोह वाला गान है जिसकी तुलना आप पानी की लहरों से कर सकते हैं। नौकाओं में चप्पू चलाने वाले माझियों के पतवार खेने के दौरान जो लहरयुक्त लय बनती है वह वंचि पट्टु (नौका गीत) के गायन से मेल खाती है।