सांस्कृतिक मामलों का विभाग, केरल सरकार

सांस्कृतिक संस्थान


केरल भाषा इंस्टीट्यूट (भाषा संस्थान)

आधुनिक वैज्ञानिक और तकनीकी ज्ञान के संप्रेषण के लिए मलयालम को एक प्रभावशाली माध्यम के रूप में विकसित करने, उच्च शिक्षा के लिए मलयालम में पाठ्य पुस्तक तैयार करने और समय की बदलती मांग के अनुसार भाषा को तैयार करने के उद्देश्य को लेकर 16 सितंबर 1968 को केरल भाषा इंस्टीट्यूट की स्थापना के गई। बारह साल बाद 1 नवंबर 1980 को कोष़िक्कोड में एक क्षेत्रीय केंद्र की स्थापना की गई।

इस इंस्टीट्यूट के प्रथम प्रकाशन में शामिल हैं 16 ग्लॉसरीज (शब्दावली) और साथ ही एक विज्ञानशब्दावली और एक मानविकशब्दावली। ऐसी शब्दावलियों का निर्माण वैज्ञानिक एवं तकनीकी शब्दावलियों के निर्माण से जुड़ी एक स्थायी आयोग द्वारा निर्मित तकनीकी शब्दों के दिशानिर्देश के अनुरूप किया गया।

1996 में, कंप्यूटर बुक सिरीज स्कीम शुरू की गई, इंस्टीट्यूट ने शब्दावलियों को लेकर अपनी नीतियों में बदलाव किया। मलयालम शॉर्टहैंड मैनुअल की भी पुनर्रचना की गई और प्रसिद्ध लेखकों की संपूर्ण रचना और समग्र अध्ययन पुस्तकों को प्रकाशित करने के काम मे भी इंस्टीट्यूट सहभागी रहा।

अभी अंग्रेजी में उपलब्ध डिक्टेशन को मलयालम में रिकॉर्ड करने की एक व्यवस्था विकसित करने की योजना है और साथ ही मोबाइल फोन पर विज्ञानकैरली पत्रिका तथा अन्य प्रकाशनों को उपलब्ध कराने का एक प्रणाली, ट्रांसलेटर्स के लिए एक ‘वर्क बेंच’ और भाषा अध्ययन के लिए एक सीडी और ट्यूटरिंग सिस्टम (प्रशिक्षण प्रणाली) विकसित करने की भी योजना है।

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