सांस्कृतिक मामलों का विभाग, केरल सरकार

सांस्कृतिक संस्थान


केरल राज्य चलचित्र अकादमी

केरल राज्य के संस्कृति विभाग के तत्वावधान में काम करने वाला एक सांस्कृतिक संस्थान।

जब राज्य फिल्म अकादमी की स्थापना 1998 में की गई थी, तब केरल फिल्म अकादमी की स्थापना करने वाला देश का पहला राज्य था। अकादमी की स्थापना सरकार और फिल्म उद्योग के बीच मध्यस्थ सूत्र के रूप में काम करने के उद्देश्य की गई थी और साथ ही यह सुनिश्चित करने के लिए कि नई पीढ़ी के सामाजिक-सांस्कृतिक परिदृश्य में एक प्रमुख प्रभावी कारक के रूप में समय-समय पर हस्तक्षेप कर फिल्मों को सही दिशा में संचालित किया जाए।

राज्य द्वारा संचालित राष्ट्रीय और अंतर्राष्ट्रीय फिल्म महोत्सवों के आयोजन में भी अकादमी अग्रणी भूमिका निभाती है। मुख्य फिल्म उत्सवों में शामिल हैं केरल इंटरनेशनल फिल्म फेस्टिवल, नेशनल फिल्म फेस्टिवल और इंटरनेशनल डॉक्युमेंटरी और शॉर्ट फिल्म्स फेस्टिवल।

राज्य फिल्म पुरस्कार, राज्य टेलीविजन पुरस्कार, और जे. सी. डैनियल प्राइज अकादमी द्वारा हर साल प्रदान किए जाते हैं। टी. ई. वासुदेवन जे. सी. डैनियल प्राइज पाने वाले पहले व्यक्ति थे।

अच्छी सिनेमा को बढ़ावा देने, लोगों तक इसकी पहुंच बढ़ाने और लोगों द्वारा इसकी सराहना के लिए अकादमी कई सारी गतिविधियों की अनुवाई करती है। इनमें शामिल हैं विशेष रूप से क्लासिक्स के एक होम थिएटर और ‘टूरिंग टॉकीज’ नामक दो वाहनों का प्रावधान जिनमें डिजिटल स्क्रीनिंग की व्यवस्था है, और साथ ही राज्य में विभिन्न फिल्म सोसाइटीज को प्रोत्साहन देना। भारतीय और विश्व सिनेमा से क्लासिक्स के संकलन के लिए, प्रिंट की प्रदर्शनी और ऑडियो-विजुअल मीडिया में शोध को बढ़ाव देने के उद्देश्य से अकादमी की एक लाइब्रेरी और आर्काइव्स भी है।

अकादमी के मार्गदर्शन में चलने वाले फिल्म म्यूजियम में एक अभिलेखीय प्रणाली (आर्किवल सिस्टम) है, जो मलयालम सिनेमा की उपलब्धियों को प्रदर्शित करता है और इसके पास विश्व सिनेमा की फिल्मों का व्यापक संकलन मौजूद है।

अकादमी द्वारा फिल्म संबंधी विषयों पर पुस्तकें प्रकाशित की जाती हैं और सी डी रोम तथा डॉक्यूमेंटरी का भी निर्माण करती है। चलचित्र अकादमी के बारे में और जानकारी पाने के लिए यहां क्लिक करें