सांस्कृतिक मामलों का विभाग, केरल सरकार


ताल वाद्यंगल (थाप वाले वाद्ययंत्र या आघात वाद्ययंत्र या पर्क्यूशन इंस्ट्रूमेंट्स)

उन्हें विततम भी कहा जाता है, जिसका अर्थ “बंधा हुआ” या "जंतु खाल-बंधी हुई” भी होता है। अतीत में लगभग 30 ताल वाद्य (थाप वाद्ययंत्र) लोकप्रिय थे। उनमें से कुछ आज अप्रचलित हो गए हैं। केरल के थाप वाद्ययंत्रों या आघात वाद्ययंत्रों में चेंडा, मधलम, इडक्का, मृदंगम, चेंगिला, तविल (तकिल), तिमिला, मिजावु, उडुक्कु, पाणी (मरम), इडुटिविराणम, इडमानम, तुडी, कडुम्तुडी, गंजिरा, तप्पु, पम्बवाद्यम, पंचमुखवाद्यम, वेलत्तविल, ढोलक, कुडुकुडुपांडी और तंबेर शामिल हैं।