सांस्कृतिक मामलों का विभाग, केरल सरकार

सांस्कृतिक संस्थान


सहोदरन अय्यप्पन मेमोरियल, चेराई

1985 में संस्कृति विभाग ने चेराई स्थित सहोदरन अय्यप्पन मेमोरियल को अपने नियंत्रण में लिया। सहोदरन अय्यप्पन मेमोरियल में शामिल है वह घर जिसमें सहोदरन का जन्म हुआ था (वैपिन-मुनम्बम स्टेट रोड से पूर्व में ¼ किलोमीटर, नदी के किनारे), एक तीन मंजिली लाइब्रेरी और एक प्राचीन मडोम। सहोदरन का भाई अच्युतन वैद्यर एक प्रसिद्ध वैद्य और वेदों व इतिहास के ज्ञाता थे। मडोम में वह अतिथियों का स्वागत करते थे। यहां ठहरने वाले जानेमाने लोगों में थे श्री नारायण गुरु, महाकवि कुमारन आशान, ई.वी. रामास्वामी नायकर तथा अन्य।

लाइब्रेरी का निर्माण 2001 में हुआ। स्व. एम.के कुमारन ने लाइब्रेरी को अपनी किताबों का संग्रह प्रदान किया। इस शोध-सह-अध्ययन केंद्र में काम करते हुए पांच लोगों ने पी.एचडी प्राप्त की। सहोदरन के सम्मान में हर साल साहित्य पुरस्कार दिए जाते हैं। और, सहोदरन अखबार की स्मृति में जो कि छत्तीस साल साल तक निकलता रहा, 2013 में मलयालम दैनिक के सर्वोत्तम एडिटोरियल के पुरस्कार की स्थापना की गई।

अब, सहोदरन मेमोरियल को मुजिरिस हेरिटेज प्रॉजेक्ट में शामिल किया गया और नवीकरण का काम जारी है। सहोदरन म्यूजियम इस प्रॉजेक्ट का एक अभिन्न अंग है।

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