सांस्कृतिक मामलों का विभाग, केरल सरकार

मंदिर त्योहार


मंदिर त्योहार / उत्सव

केरल के मंदिर हिंदु धर्म के पुनर्जागरण काल तक के हैं। राज्य में बड़ी संख्या में मंदिर हैं, जो त्रिदेव, यानी ब्रह्मा, विष्णु और शिव (महेश) से जुड़े हैं जबकि कई मंदिर ऐसे हैं जिनमें कोई प्रतिमा नहीं है या न ही कोई अनुष्ठान किया जाता है, और ऐसे मंदिर ब्रह्मांडीय चेतना को समर्पित हैं।

अतीत में, मंदिर केवल पूजा के स्थल ही नहीं थे बल्कि कला और संस्कृति के प्रोत्साहक भी थे। वे केरल के कई लोकप्रिय ललित कलाओं के गढ़ भी हैं। आर्किटेक्चर, खूबसूरती से तराशी गई मूर्तियां और देवताओं को प्रसन्न करने के लिए की जाने वाली आनुष्ठानिक कला रूप राज्य की कलात्मक उत्कृष्टता को दर्शाते हैं।

आइए राज्य में स्थित प्रमुख मंदिरों में आयोजित होने वाले भव्य त्योहारों की यात्रा करते हैं।