सांस्कृतिक मामलों का विभाग, केरल सरकार

सांस्कृतिक संस्थान


वैलोप्पिल्ली संस्कृति भवन

वैलोप्पिल्ली संस्कृति भवन एक सांस्कृतिक संस्था है जो केरल की कलाओं और सांस्कृतिक परंपराओं के प्रस्तुति और संरक्षण हेतु मंच की भूमिका निभाता है, और साथ ही उनसे जुड़े शोध और रिकॉर्ड-कीपिंग (रिकॉर्ड-रखने) की सुविधा भी उपलब्ध कराता है।

बहुउद्देश्यीय सांस्कृतिक परिसर (मल्टी-परपस कल्चरल कॉम्प्लेक्स) तिरुवनंतपुरम के नंतनकोड स्थित नालंदा में स्थापित है।

भवनों का निर्माण केरल की पारंपरिक स्थापत्य के अनुरूप किया गया है। आप यहां केरल के पारंपरिक प्रवेश द्वार (पडिप्पुरा) और मंदिर थिएटर (कूत्तंबलम) देख सकते हैं। ओपन एयर ऑडिटोरियम, आर्ट गैलरी और म्यूजियम ब्लॉक सहित कल्चरल कॉम्प्लेक्स को 2001 में राष्ट्र को समर्पित किया गया।

20 सदस्यों वाली प्रशासकीय समिति, जिसके अध्यक्ष राज्य के संस्कृति मंत्री होते हैं और एक आठ-सदस्यीय कार्यकारी समिति होती है, इंस्टीट्यूशन की नीतियों के बारे में फैसले लेती और उन्हें कार्यांवित करती है।

कॉम्प्लेक्स में टी.के. रामकृष्णन मेमोरियल कल्चरल लाइब्रेरी और रिसर्च सेंटर स्थापित हैं। इसके अलावा केरल की संस्कृति और कला रूपों पर उच्च अध्ययन अथवा शोध करने वालों की रुचि की पुस्तकों के विशाल संकलन वाली एक लाइब्रेरी भी है। इस लाइब्रेरी का उद्घाटन वैलोप्पिल्ली संस्कृति भवन में 2008 में हुआ था।

2004 से वैलोप्पिल्ली भवन एक राष्ट्रीय नृत्य उत्सव मुद्रा का आयोजन करता है। इसके अन्य प्रयासों में हैं ‘कहानियों के लिए एक दिन’ (डे फॉर स्टोरीज) के रूप में तकषि शिवशंकरा पिल्लई, एम.पी. नारायण पिल्लई, कोविलन, पी.केशवदेव, के.सुरेंद्रन, एम. गोविंदन, टी.पी. किशोर, टी.वी. कोचुबावा, पी. पद्मराजन, पुलिमाना परमेश्वरन पिल्लई और ओ.वी. विजयन जैसे प्रख्यात लेखकों की पुण्यतिथियों पर कार्यक्रम आयोजित करना।

डॉक्युमेंटेशन (दस्तावेज़ीकरण), एक सांस्कृतिक आर्काइव्स का संग्रह, संस्कृत ग्रंथों का एक दुर्लभ संकलन, कलाकारों के लिए वेबसाइट और केरल की संस्कृति का अध्ययन इस मेमोरियल की कुछ मुख्य विशेषताएं हैं।

वैलोप्पिल्ली संस्कृति भवन द्वारा संचालित मासिक कार्यक्रम के बारे में जानने के लिए यहां क्लिक करें