सांस्कृतिक मामलों का विभाग, केरल सरकार


फूंक कर बजाए जाने वाले लकड़ी के वाद्ययंत्र (वायु वाद्ययंत्र)

ये ऐसे संगीत वाद्ययंत्र हैं, जहां वाद्ययंत्र में बने छिद्रों को फूंककर संगीत पैदा किया जाता है। हवा के प्रवाह को वादक की अंगुलियों की गति से नियंत्रित किया जाता है। ये छिद्र बांस, लकड़ी और धातु के टुकड़े पर बने होते है और उनसे होकर सुगमतापूर्वक हवा की फूंक लगाई जाती है। फूंक लगी हवा को अंगुलियों से नियंत्रित कर मधुर संगीत पैदा किया जाता है। केरल के कुछ प्रमुख लकड़ी/वायु वाद्ययंत्र हैं- शंक, कुरुम्कुजल, कोम्बु, नागस्वरम और ओटक्कुजल।